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MRR Journal

Abstract

Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2025; 3(9): 108-110

सोशल मीडिया का आधुनिक युवा संस्कृति पर प्रभावः एक नवीन विश्लेषण

Author Name: Subhash Chandra Jangir

1. UGC-NET in Sociology

Abstract

<p>सोशल मीडिया का आधुनिक युवा पीढ़ी पर प्रभाव जटिल एवं बहुआयामी है। फेसबुक<em>, </em>इंस्टाग्राम<em>, </em>टिकटॉक<em>, </em>ट्विटर (एक्स) और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म युवाओं की पहचान निर्माण<em>, </em>व्यवहार<em>, </em>सामाजिक संबंधों<em>, </em>शिक्षा<em>, </em>संस्कृति और राजनीतिक चेतना को प्रभावित कर रहे हैं। अध्ययन में पाया गया कि सोशल मीडिया ने युवाओं को अभिव्यक्ति<em>, </em>स्व-अभिव्यक्ति<em>, </em>कौशल विकास और वैश्विक कनेक्टिविटी के नए अवसर प्रदान किए हैं। यह शैक्षणिक समूहों<em>, </em>करियर नेटवर्किंग<em>, </em>उद्यमिता और सामाजिक आंदोलनों को बढ़ावा देने का एक प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ है। साथ ही<em>, </em>यह सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक जागरूकता को भी प्रोत्साहित करता है।</p>

<p>किन्तु इसके नकारात्मक प्रभाव भी गंभीर हैं। लंबे समय तक उपयोग से मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है<em>, </em>जिसमें अवसाद<em>, </em>चिंता<em>, </em>आत्मसम्मान की कमी और आक्रामक व्यवहार की प्रवृत्ति देखी गई है। साइबरबुलिंग<em>, </em>गोपनीयता का हनन<em>, </em>आभासी पहचान संकट और नैतिक मूल्यों का ह्रास युवाओं के सामने नई चुनौतियाँ प्रस्तुत कर रहे हैं। सतही संबंध<em>, </em>फैक न्यूज और अनैतिक कंटेंट सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रहे हैं।</p>

<p>निष्कर्षतः<em>, </em>सोशल मीडिया अवसर और चुनौतियाँ दोनों प्रदान करता है। इसके सकारात्मक उपयोग को बढ़ावा देने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए डिजिटल साक्षरता<em>, </em>अभिभावकीय मार्गदर्शन<em>, </em>शैक्षिक पहल और मजबूत साइबर सुरक्षा कानूनों की आवश्यकता है।</p>

Keywords

सोशल मीडिया, युवा, मानसिक स्वास्थ्य, पहचान निर्माण, साइबरबुलिंग, संस्कृति