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MRR Journal

Abstract

Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2025; 3(10): 45-52

भारत और बांग्लादेश के संविधान का तुलनात्मक अध्ययन

Author Name: परबत सिंह राजपुरोहित

1. सहायक आचार्य, राजनैतिक विज्ञान, श्री धनराजजी श्रीचंदजी बदामिया कॉलेज ऑफ़ प्रोफेशनल स्टडीज वरकाणा, पाली, राजस्थान ,भारत

Abstract

<p>भारत और बांग्लादेश दोनों ही दक्षिण एशिया के महत्वपूर्ण लोकतंत्र हैं<em>, </em>जिनके संविधान ने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश की राजनीतिक<em>, </em>सामाजिक और आर्थिक संरचना की नींव रखी। भारत का संविधान <em>26 January 1950 </em>को लागू हुआ और यह एक संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित है<em>, </em>जिसमें केंद्र और राज्य के अधिकार स्पष्ट रूप से विभाजित हैं। वहीं<em>, </em>बांग्लादेश का संविधान <em>16 December 1972 </em>को लागू हुआ और यह एक एकात्मक संसदीय गणराज्य है<em>, </em>जिसमें सत्ता का केंद्र सरकार पर अधिक केंद्रीकरण है। यह शोध-पत्र इन दोनों संविधानों की संरचना<em>, </em>संसदीय व्यवस्था<em>, </em>मौलिक अधिकार<em>, </em>नीति-निर्देशक सिद्धांत<em>, </em>आपातकालीन प्रावधान और संवैधानिक संशोधन प्रक्रिया का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन यह भी दर्शाता है कि भारत का संविधान अपने विस्तार और अनुभव-संपन्नता के कारण अधिक स्थिर और संघीय संतुलन पर आधारित है<em>, </em>जबकि बांग्लादेश का संविधान संशोधनों के माध्यम से लगातार विकसित हो रहा है। साथ ही<em>, </em>यह शोध दोनों देशों में लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुधारों की दिशा भी उजागर करता है।</p>

Keywords

संविधान, संघीयता, एकात्मक, संसदीय, संशोधन, मौलिक अधिकार, शासन, सुधार