यह शोध-पत्र फैज़ाबाद जनपद के ग्रामीण परिक्षेत्र में अवस्थापनात्मक विविधता के प्रभावों का भौगोलिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है और यह व्याख्यायित करता है कि किस प्रकार भौतिक, सामाजिक, आर्थिक तथा डिजिटल अवस्थापनाओं की विषमता ग्रामीण विकास की गति में असमानता उत्पन्न करती है। अध्ययन का तर्क यह है कि भूमिस्थान, ऐतिहासिक- सांस्कृतिक केंद्रों की निकटता, परिवहन जाल की घनत्वता, सिंचाई-संसाधनों की उपलब्धता, शैक्षिक व स्वास्थ्य संस्थानों का वितरण और उद्यमशील अवसरों की पहुंच मिलकर बहुविध स्थानिक पैटर्न गढ़ते हैं। परिणामस्वरूप कुछ ग्राम-समूह तीव्र विकास-पथ पर अग्रसर होते हैं, जबकि अनेक ग्राम संस्थागत व बाज़ारी कनेक्टिविटी की कमी से धीमी प्रगति का अनुभव करते हैं। शोध में अवधारणात्मक ढांचे के साथ-साथ तुलनात्मक क्षेत्रीय आकलन, संभावित सूचकांक-निर्माण का प्रस्ताव, और नीति-निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए हैं, ताकि स्थानीय प्रशासन, पंचायती राज संस्थाएँ और विकास एजेंसियाँ स्थान-विशेषानुकूल हस्तक्षेपों की प्राथमिकता तय कर सकें।
अवस्थापनात्मक विविधता, ग्रामीण विकास, स्थानिक विषमता, तुलनात्मक भौगोलिक विश्लेषण, फैज़ाबाद जनपद, सामाजिक बुनियादी ढाँचा, परिवहन कनेक्टिविटी, डिजिटल समावेशन, क्षेत्रीय असमानता.
. अवस्थापनात्मक विविधता और ग्रामीण विकास की असमान गति: फैज़ाबाद जनपद का तुलनात्मक भौगोलिक विश्लेषण. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2023; 1(1):73-79
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