Abstract
Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(9): 342-349
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सरकारी एवं निजी अस्पतालों में मरीज संतुष्टि का तुलनात्मक अध्ययन: जोधपुर जिले के संदर्भ में
Author Name: कायमा खातून, डॉ. दीपेन्द्र सिंह
Abstract
<p>भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को बढ़ावा देने तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू की गई थी। प्रस्तुत अध्ययन का मुख्य उद्देश्य जोधपुर जिले में योजना के अंतर्गत सरकारी एवं निजी अस्पतालों में उपचार प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की मरीज संतुष्टि का तुलनात्मक विश्लेषण करना था। अध्ययन में उपलब्ध एक्सेल आँकड़ों के आधार पर <em>50 </em>सरकारी तथा <em>50 </em>निजी अस्पतालों के कुल <em>100 </em>वैध उत्तरदाताओं की प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण किया गया। इसके लिए <em>12-</em>बिंदु मरीज संतुष्टि प्रश्नावली तथा पाँच-बिंदु लाइकर्ट मापनी का उपयोग किया गया<em>, </em>जिसमें <em>1 </em>का अर्थ पूर्णतः असंतुष्ट तथा <em>5 </em>का अर्थ पूर्णतः संतुष्ट था। प्रश्नावली में पंजीकरण<em>, </em>योजना संबंधी जानकारी<em>, </em>चिकित्सक का व्यवहार<em>, </em>उपचार संबंधी जानकारी<em>, </em>दवाओं एवं जाँच की उपलब्धता<em>, </em>स्वच्छता<em>, </em>उपचार में लगने वाला समय<em>, </em>शिकायत सहायता<em>, </em>अतिरिक्त भुगतान तथा समग्र संतुष्टि जैसे पहलुओं को सम्मिलित किया गया।</p>
<p>अध्ययन के परिणामों से ज्ञात हुआ कि सरकारी अस्पतालों का औसत संतुष्टि स्कोर <em>4.23 </em>था<em>, </em>जबकि निजी अस्पतालों में यह <em>3.93 </em>दर्ज किया गया। सरकारी अस्पतालों में <em>83.16 </em>प्रतिशत प्रतिक्रियाएँ संतुष्ट अथवा पूर्णतः संतुष्ट श्रेणी में थीं<em>, </em>जबकि निजी अस्पतालों में यह अनुपात <em>72.11 </em>प्रतिशत रहा। प्रश्नवार विश्लेषण में सरकारी अस्पतालों में दवाओं की समय पर उपलब्धता का औसत स्कोर सर्वाधिक <em>4.65 </em>पाया गया। उपचार में अनावश्यक देरी न होने का स्कोर <em>4.47 </em>था। इसके विपरीत<em>, </em>निजी अस्पतालों में चिकित्सक द्वारा मरीज की समस्या ध्यानपूर्वक सुनने का स्कोर <em>4.22, </em>दवाओं की उपलब्धता का <em>4.24 </em>तथा उपचार में अनावश्यक देरी न होने का <em>4.29 </em>रहा। योजना के अंतर्गत उपलब्ध सेवाओं की जानकारी में उल्लेखनीय अंतर पाया गया। सरकारी अस्पतालों का औसत स्कोर <em>4.29, </em>जबकि निजी अस्पतालों का <em>3.04 </em>था।</p>
<p>समग्र संतुष्टि के लिए वेल्च स्वतंत्र-नमूना टी-परीक्षण में सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण अंतर पाया गया (<em>t = 5.92, p < .001)</em>। मान–व्हिटनी <em>U </em>परीक्षण ने भी इस अंतर की पुष्टि की (<em>U = 1907.5, p < .001)</em>। कोहेन का प्रभाव आकार (<em>d ≈ 1.20) </em>बड़ा पाया गया। निष्कर्षतः<em>, </em>उपलब्ध नमूने में सरकारी अस्पतालों के लाभार्थियों ने निजी अस्पतालों की तुलना में अधिक संतुष्टि व्यक्त की। हालाँकि<em>, </em>इन निष्कर्षों को अध्ययन के सीमित नमूने के संदर्भ में समझना आवश्यक है।</p>
Keywords
आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मरीज संतुष्टि, सरकारी अस्पताल, निजी अस्पताल, स्वास्थ्य सेवा, वित्तीय सुरक्षा, जोधपुर जिला, Likert scale।
