Abstract
Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2025; 3(8): 01-06
आधुनिक भारतीय राजनीतिक चिंतन में राष्ट्रवाद की संकल्पना: महर्षि अरविंद और महात्मा गांधी का तुलनात्मक विश्लेषण
Author Name: सीमा गहलोत
Abstract
<p>राष्ट्रवाद एक विचारधारा के रूप में आधुनिक भारतीय राजनीतिक चिंतन का एक महत्वपूर्ण घटक रहा है। यह न केवल भारत की स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा बना<em>, </em>बल्कि स्वतंत्रता के पश्चात भारतीय समाज के सामाजिक<em>, </em>सांस्कृतिक और राजनीतिक स्वरूप को भी गहराई से प्रभावित करता रहा है। भारतीय राष्ट्रवाद की जड़ें प्राचीन संस्कृति<em>, </em>आध्यात्मिक परंपराओं और स्वदेशी चेतना में समाहित हैं<em>, </em>किंतु इसके आधुनिक स्वरूप को गढ़ने में अनेक विचारकों<em>, </em>नेताओं और क्रांतिकारियों की भूमिका रही है। इन विचारकों में महर्षि अरविंद और महात्मा गांधी का स्थान विशेष रूप से उल्लेखनीय है<em>, </em>क्योंकि इन्होंने भारतीय राष्ट्रवाद को न केवल एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में देखा<em>, </em>बल्कि इसे एक आध्यात्मिक और नैतिक अवधारणा के रूप में भी प्रस्तुत किया।</p>
<p>प्रस्तुत शोध<em>-</em>पत्र इन्हीं बातों को रेखांकित करते हुए आधुनिक भारतीय राजनीतिक चिंतन में महर्षि अरविन्द और महात्मा गांधी के राष्ट्रवाद के संदर्भ में उनके विचारों का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करने का प्रयास करता है। यह शोध<em>-</em>पत्र मुख्यतः द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है।</p>
Keywords
राष्ट्रवाद, राजनीतिक चिंतन, भारत, महर्षि अरविन्द, महात्मा गांधी।
