editor.mrrjournal@gmail.com +91-9650568176 E-ISSN: 2584-184X

MRR Journal

Abstract

Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2025; 3(8): 50-51

भारतीय कृषि में बागवानी का विस्तार करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित समाधान

Author Name: शमशेर सिंह, डॉ. मोहम्मद इरफान

1. पीएचडी, रिसर्च स्कालर, मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग, आई, ई, सी, विश्वविद्यालय बद्धी, सोलन, हिमाचल प्रदेश, भारत

2. असिस्टेंट प्रौफेसर, मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग, आई. ई. सी. विश्वविद्यालय बद्धी, सोलन, हिमाचल प्रदेश, भारत

Abstract

<p>भारत&nbsp; में&nbsp; कृषि&nbsp; प्राचीन&nbsp; काल&nbsp; से&nbsp; ही&nbsp; की&nbsp; जाती&nbsp; है&nbsp; लेकिन&nbsp; बागवानी&nbsp; के&nbsp; विकास&nbsp; से&nbsp; प्रति व्यक्ति&nbsp; आय&nbsp; में&nbsp; सुधार&nbsp;&nbsp; होती&nbsp; है&nbsp; जिससे&nbsp; कि&nbsp; कृषि&nbsp; का&nbsp; व्यापारीकरण&nbsp; भी&nbsp; होता&nbsp; है&nbsp; कृषि प्राचीन&nbsp; काल&nbsp; से&nbsp; ही&nbsp; वस्तु&nbsp; विनिमय&nbsp; प्रणाली&nbsp; पर&nbsp; आधारित&nbsp; थी&nbsp; लेकिन&nbsp; अंग्रेजेा&nbsp; के&nbsp; भारत&nbsp; में आने&nbsp; के&nbsp; बाद&nbsp; भारत&nbsp; में&nbsp; नकदी&nbsp; फसलों&nbsp; के&nbsp; विकास&nbsp; को&nbsp; प्रोत्साहन&nbsp; दिया&nbsp; जाने&nbsp; लगा&nbsp; जिससे कि&nbsp; बागवानी&nbsp; के&nbsp; विकास&nbsp; को&nbsp; भी&nbsp; प्रोत्साहन&nbsp; मिलना&nbsp; शुरू&nbsp; हुआ&nbsp; था&nbsp; ।&nbsp; बागवानी&nbsp;&nbsp; में&nbsp; फल सब्जियां&nbsp; फूल&nbsp; सुगन्धित&nbsp; पौधे&nbsp; मसाले&nbsp; औषधीय&nbsp; पौधे&nbsp; पेड़&nbsp; और&nbsp; झाड़ियां&nbsp; उगाहने&nbsp;&nbsp; की&nbsp;&nbsp; कला तथा&nbsp; विज्ञान&nbsp; का&nbsp; भी&nbsp; अध्ययन&nbsp; किया&nbsp; जाता&nbsp; है&nbsp;&nbsp; ।&nbsp; इसमें&nbsp; पौधो&nbsp; के&nbsp; उत्पादन&nbsp; प्रबंधन&nbsp; और&nbsp; &nbsp;उच्च&nbsp; मूल्य&nbsp; वाले&nbsp; सजावटी&nbsp; व&nbsp; खाद्य&nbsp; पौधो&nbsp; के&nbsp; सतत&nbsp; उपयोग&nbsp; का&nbsp; अध्ययन&nbsp; किया&nbsp; जाता&nbsp; है , भारतीय&nbsp;&nbsp; कृषि&nbsp; में&nbsp; विस्तार&nbsp; करने&nbsp; के&nbsp; लिए&nbsp; पौधोगिकी&nbsp; आधारित&nbsp; समाधानों&nbsp; में&nbsp; सटीक&nbsp; सिंचाई &nbsp;ड्रोन&nbsp; और&nbsp; सेटेलाइट&nbsp; इमेजिंग&nbsp; का&nbsp; उपयोग&nbsp; करके&nbsp; फसल&nbsp; निगरानी&nbsp;&nbsp; नई&nbsp; किस्मों&nbsp; के&nbsp; विकास करने&nbsp;&nbsp; के&nbsp; लिए&nbsp; जैव&nbsp; पौधेागिकी&nbsp; गुणवता&nbsp; पूर्ण&nbsp; रोपण&nbsp; सामग्राी&nbsp; का&nbsp; सूक्ष्म&nbsp; प्रसार&nbsp; और&nbsp; डिजिटल</p>

<p>प्लेटर्फामों&nbsp; के&nbsp; माध्यम&nbsp; से&nbsp; जानकारी&nbsp; का&nbsp; हस्तातरण&nbsp; शामिल&nbsp; है&nbsp; ये&nbsp;&nbsp; पौधेागिकियां&nbsp; उत्पादन लागत&nbsp; कम&nbsp; करती&nbsp; है&nbsp; फिर&nbsp; उसके&nbsp; बाद&nbsp; ही&nbsp; उत्पादकता&nbsp; को&nbsp; बड़ाती&nbsp; है&nbsp; जिससे&nbsp; कि&nbsp; किसानों की&nbsp; आय&nbsp; में दिनप्रति&nbsp; दिन&nbsp; सुधार&nbsp; होता&nbsp; है&nbsp; बागवानी&nbsp; में&nbsp; उच्च&nbsp; पैमाने&nbsp; पर&nbsp; विकास&nbsp; करने&nbsp; के लिए&nbsp; अनसंधान&nbsp; पौधोगिकी&nbsp; और&nbsp; विपणन&nbsp; को&nbsp; बड़ावा&nbsp; देता&nbsp; है। [1]</p>

Keywords

बागवानी , कृषि प्रौद्योगिकी , उत्पादकता वृद्धि , स्मार्ट खेती, सतत विकास