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MRR Journal

Abstract

Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(2): 227-238

भारतीय संस्कृति, परिवेश, व शिक्षा पर तकनीकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव: एक व्यापक अध्ययन

Author Name: डॉ. प्रिया पाल, डॉ. गीता रानी

1. फैकल्टी- सोशल साइंस, दयालबाग एजुकेशन इंस्टीट्यूट, दयालबाग आगरा, उत्तर प्रदेश, भारत

2. विभागाध्यक्ष-शिक्षक प्रशिक्षण, मेवाड़ इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश, भारत

Abstract

<p>भारतीय समाज वर्तमान में एक महत्वपूर्ण तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल प्रौद्योगिकियाँ सांस्कृतिक मूल्यों, पर्यावरणीय परिवेश, और शैक्षणिक प्रणालियों को गहराई से प्रभावित कर रही हैं। यह शोध पत्र भारतीय सन्दर्भ में प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रभावों का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन तीन प्रमुख क्षेत्रों में फैला है: (1) सांस्कृतिक प्रभाव - परंपरागत मूल्यों, पारिवारिक संरचना, भाषा, और सामाजिक परस्पर क्रिया पर तकनीकी प्रभाव; (2) पर्यावरणीय प्रभाव - शहरीकरण, प्राकृतिक संसाधनों, और पारिस्थितिकी तंत्र पर डिजिटल परिवर्तन का असर; (3) शैक्षणिक प्रभाव - शिक्षण विधियों, पहुँच, गुणवत्ता, और छात्र परिणामों में तकनीकी हस्तक्षेप। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, और कर्नाटक के 15 शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 8 महीने की अवधि में 2,450 प्रतिभागियों पर आधारित मिश्रित-पद्धति अनुसंधान के माध्यम से, यह अध्ययन पाता है कि: 73% प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक मूल्यों में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखा, 68% ने पर्यावरणीय चिंताओं में वृद्धि दर्ज की, और 84% ने शैक्षणिक पहुँच में सुधार स्वीकार किया। शोध यह भी दर्शाता है कि जबकि तकनीकी प्रगति ने अभूतपूर्व अवसर उत्पन्न किए हैं (शिक्षा में 67% पहुँच वृद्धि, डिजिटल साक्षरता में 54% सुधार), साथ ही महत्वपूर्ण चुनौतियाँ भी उत्पन्न हुई हैं (42% ने सांस्कृतिक पहचान के क्षरण की चिंता व्यक्त की, 38% ने डिजिटल विभाजन का अनुभव किया)। यह शोध पत्र भारतीय संदर्भ में तकनीकी विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए नीतिगत सिफारिशें प्रदान करता है।</p>

Keywords

भारतीय संस्कृति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तकनीकी प्रभाव, शिक्षा प्रणाली, पर्यावरणीय परिवर्तन, डिजिटल परिवर्तन, सांस्कृतिक संरक्षण, डिजिटल विभाजन