Abstract
Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(3): 123-125
आधुनिक शिक्षा एवं पीढ़ीगत अन्तर: वृद्धाश्रम के सन्दर्भ में विश्लेषण
Author Name: सावित्री मित्तल, करुणा त्यागी
Abstract
<p>आधुनिक शिक्षा ने समाज को नयी दिशा तकनीकी और स्वतंत्र सोच प्रदान की है| परंतु इसके साथ पीढियों के बीच वैचारिक दुरी भी बढ़ी है| युवा पीढ़ी जहाँ आधुनिक जीवनशैली, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और करियर को प्राथमिकता देती है|<em> </em>वही वृद्ध पीढ़ी पारंपरिक मूल्यों, पारंपरिक एकता और भावनात्मक संबधों को अधिक महत्व देती है| इसी सोच के अंतर के कारण संवाद की कमी और समझ का अभाव उत्पन्न होता है| जो कई वृद्धाश्रमो की बढ़ती संख्या के रूप में दिखाई देता है|</p>
<p>वृद्धाश्रम केवल रहने का स्थान नहीं बल्क़ि, बदलती सामाजिक संरचना का प्रतीक बन गया है|</p>
<p>अतः आवशयक है कि शिक्षा प्रणाली ऐसी हो जो नई पीढ़ी को प्रगति<em> </em>के साथ-साथ संस्कार, सहानुभूति और पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोध कराए| जब आधुनिकता और परम्परा के बीच संतुलन स्थापित होगा, तभी पीढियों के बीच की दुरी कम होगी और वृद्धाश्रम की आवश्यकता भी स्वभाविकरूप से घटेगी|</p>
<p>आधुनिक शिक्षा और पीढ़ी अन्तर (जनरेशन गैप) के सन्दर्भ में वृद्धाश्रमो पर किया गया शोध यह दर्शाता है, कि सामाजिक परिवर्तन ने पारिवारिक संरचना और मूल्यों को गहराई से प्रभावित किया है| आधुनिक शिक्षा ने युवाओ को आत्मनिर्भर, करियर केन्द्रित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया है| परन्तु इसके साथ पारंपरिक संयुक्त परिवार व्यवस्था में दूरी<em> </em>भी बढ़ी है|<em> </em>शिक्षा के माध्यम से व्यक्तिवाद स्वतंत्र निर्णय और व्यक्तिगत उपलब्धि पर आधिक बल दिया जाता है|<em> </em>जिससे कई बार बुजुर्गो की पारंपरिक सोच और युवाओ की आधुनिक दृष्टि के बीच मतभेद उत्त्पन्न होते है|<em> </em>यही मतभेद धीरे-धीरे भावनात्मक दुरी में बदल सकते है | जिसके परिणामस्वरुप कुछ परिवारों में बुजुर्गो को वृद्धाश्रम का सहारा लेना पड़ता है |<em> </em>शोध यह भी बताता है, कि समस्या केवल शिक्षा नही<em>,</em> बल्कि संवाद की कमी<em>,</em> समयाभाव और बदलती आर्थिक प्राथमिकताएँ है | समाधान के रूप में पीढियों के बीच संवाद, नैतिक शिक्षा, पारिवारिक मूल्यों का समावेश और बुजुर्गो के अनुभवों के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना आवश्यक है| इस प्रकार संतुलित शिक्षा प्रणाली और संवेदनशील पारिवारिक वातावरण ही जनरेशन गैप को कम कर सकते है|</p>
Keywords
आधुनिक शिक्षा, पीढ़ीगत अन्तर ,वृद्धाश्रम , पारिवारिक संरचना परिवर्तन , सामाजिक मूल्य एवं परम्परा
