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MRR Journal

Abstract

Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(3): 357-360

भारतीय ज्ञान परंपरा की माध्यमिक स्तरीय पाठ्यक्रम में प्रासंगिकता

Author Name: ताराचंद पंवार, डॉ. गिरधारी लाल शर्मा

1. शोधकर्ता, शिक्षा विभाग, जैन विश्व भारती संस्थान, लाडनूं, राजस्थान, भारत

2. सहायक आचार्य, शिक्षा विभाग, जैन विश्व भारती संस्थान, लाडनूं, राजस्थान, भारत

Abstract

<p>राष्ट्रिय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) भारतीय शिक्षा प्रणाली को समग्र, बहुआयामी और मूल्य-आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस नीति में भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) को शिक्षा के सभी स्तरों पर समाविष्ट करने पर विशेष बल दिया गया है। भारतीय ज्ञान परंपरा केवल ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि जीवन, समाज, प्रकृति और ब्रह्मांड के प्रति एक समन्वित एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करने वाली सशक्त बौद्धिक विरासत है।</p>

<p>वर्तमान समय में जब माध्यमिक शिक्षा अत्यधिक प्रतिस्पर्धी, परीक्षा&ndash;केन्द्रित तथा कौशल&ndash;आधारित स्वरूप धारण कर चुकी है, तब NEP 2020 के आलोक में भारतीय ज्ञान परंपरा का माध्यमिक स्तरीय पाठ्यक्रम में समावेश विद्यार्थियों के समग्र विकास (Holistic Development), आलोचनात्मक चिंतन, नैतिक बोध तथा सांस्कृतिक आत्मगौरव के लिए अत्यंत प्रासंगिक हो जाता है।</p>

<p>यह शोध पत्र NEP 2020 के उद्देश्यों के संदर्भ में भारतीय ज्ञान परंपरा की अवधारणा, उसके दार्शनिक एवं ऐतिहासिक आधार, माध्यमिक शिक्षा में उसकी आवश्यकता, पाठ्यक्रमीय एकीकरण की रणनीतियाँ, संभावित चुनौतियाँ तथा उनके समाधान का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि भारतीय ज्ञान परंपरा अतीत की विरासत मात्र नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की शिक्षा को दिशा देने वाला एक सुदृढ़ शैक्षिक आधार है।</p>

Keywords

राष्ट्रिय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020), भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS), माध्यमिक शिक्षा, पाठ्यक्रम एकीकरण