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MRR Journal

Abstract

Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(4): 29-39

रामचरितमानस के पात्रों के आदर्शों का विश्लेषणात्मक अध्ययन वर्तमान भारतीय परिप्रेक्ष्य में

Author Name: श्रीमती राधेरानी, डॉ शिवानी शर्मा

1. शोधार्थी, भगवंत विश्वविद्यालय, अजमेर, राजस्थान, भारत

2. गाईड, भगवंत विश्वविद्यालय, अजमेर, राजस्थान, भारत

Abstract

<p>रामचरितमानस गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित एक कालजयी महाकाव्य है जो भारतीय समाज में नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों का आधार स्तंभ रहा है। यह शोध पत्र रामचरितमानस के प्रमुख पात्रों - राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और भरत - के आदर्शों का वर्तमान भारतीय संदर्भ में विस्तृत विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। इस अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि इक्कीसवीं सदी के आधुनिक भारत में इन चरित्रों के मूल्य कितने प्रासंगिक हैं और समकालीन सामाजिक चुनौतियों के समाधान में इनकी क्या भूमिका हो सकती है। मिश्रित शोध पद्धति का उपयोग करते हुए, 500 प्रतिभागियों से प्राथमिक डेटा एकत्र किया गया और साहित्यिक विश्लेषण के माध्यम से द्वितीयक डेटा का अध्ययन किया गया। परिणाम दर्शाते हैं कि 78% उत्तरदाताओं ने माना कि रामचरितमानस के चरित्रों के आदर्श आज भी समाज में मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से राम का धर्मपालन, सीता का आत्मसम्मान, हनुमान की सेवाभावना और भरत का त्याग वर्तमान युग में भी अनुकरणीय माने जाते हैं। यह शोध समकालीन भारतीय समाज की विभिन्न समस्याओं जैसे नैतिक पतन, परिवार विघटन, भ्रष्टाचार और लैंगिक असमानता के संदर्भ में इन आदर्शों की व्यावहारिक उपयोगिता को रेखांकित करता है।</p>

Keywords

रामचरितमानस, तुलसीदास, चरित्र विश्लेषण, भारतीय मूल्य, समकालीन प्रासंगिकता, नैतिक आदर्श, सामाजिक परिवर्तन