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MRR Journal

Abstract

Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(4): 97-100

मादक पदार्थो का सेवन और उसका सामाजिक प्रभाव

Author Name: Chandni Gungun, Karuna Tyagi

1. Student, M.A Sociology, Tara Chand Vedic Putri Degree College, Muzaffarnagar, Uttar Pradesh, India

2. Research Guide, Tara Chand Vedic Putri Degree College, Muzaffarnagar, Uttar Pradesh, India

Abstract

<p>वर्तमान युग में नशीले पदार्थों का दुरुपयोग एक गंभीर सामाजिक चुनौती के रूप में उभरा है<em>, </em>जिसका दुष्प्रभाव व्यक्ति<em>, </em>परिवार और समाजकृतीनों स्तरों पर व्यापक रूप से देखा जाता है। इस शोध का मुख्य उद्देश्य मादक द्रव्यों के सेवन के प्रमुख कारणों<em>, </em>उनके सामाजिक<em>, </em>पारिवारिक तथा वैयक्तिक परिणामों<em>, </em>और उनके रोकथाम एवं नियंत्रण के उपायों का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से विश्लेषण करना है।</p>

<p>अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि नशीले पदार्थों की ओर रुझान मुख्यतः सामाजिक दबाव<em>, </em>टूटते परिवार<em>, </em>मानसिक तनाव<em>, </em>बेरोजगारी<em>, </em>और आधुनिक जीवन शैली के कारण बढ़ रहा है। इसके दुष्परिणामों में व्यक्ति के स्वास्थ्य का बिगड़ना<em>, </em>पारिवारिक रिश्तों में कटुताए अपराध दर में वृद्धि<em>, </em>तथा सामाजिक अस्थिरता शामिल हैं। विशेषकर युवा पीढ़ी इससे अधिक प्रभावित हो रही है<em>, </em>जिससे उनकी शिक्षा<em>, </em>करियर और नैतिक मूल्यों पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।</p>

<p>यह शोध इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि मादक पदार्थों की समस्या के समाधान के लिए बहुआयामी प्रयास आवश्यक हैं<em>, </em>जिनमें शिक्षा<em>, </em>जनजागरूकता<em>, </em>पारिवारिक सहयोग<em>, </em>सरकारी नीतियाँ और सामुदायिक भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।</p>

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Keywords

नशीले पदार्थ, सामाजिक प्रभाव, मादक द्रव्यों की लत, सामाजिक समस्या, युवा पीढ़ी