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MRR Journal

Abstract

Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(5): 206-214

स्नातक स्तर के विद्यार्थियों की वैज्ञानिक अभिवृत्ति का तुलनात्मक अध्ययन

Author Name: Jitendra Singh, Dr. Shrikant Bhartiya

1. J.L.N. T.T. College, University of Kota, Kota, Rajasthan, India

2. Professor J.L.N. T.T. College, University of Kota, Kota, Rajasthan, India

Abstract

<p>प्रस्तुत शोध अध्ययन का मुख्य उद्देश्य स्नातक स्तर पर अध्ययनरत विद्यार्थियों की वैज्ञानिक अभिवृत्ति (<em>Scientific Attitude) </em>का तुलनात्मक विश्लेषण करना है। वैज्ञानिक अभिवृत्ति व्यक्ति की वह मानसिक स्थिति है<em>, </em>जो उसे अंधविश्वासों से मुक्त कर तर्कसंगत<em>, </em>वस्तुनिष्ठ एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने में सक्षम बनाती है।</p>

<p>प्रस्तुत शोध में विवरणात्मक सर्वेक्षण विधि (<em>Descriptive Survey Method) </em>का प्रयोग किया गया है। अध्ययन हेतु करियर पॉइंट विश्वविद्यालय के <em>100 </em>स्नातक विद्यार्थियों (<em>50 </em>छात्र एवं <em>50 </em>छात्राएं) का चयन प्रतिदर्श (<em>Sample) </em>के रूप में किया गया। डेटा संग्रह के लिए शैलजा भागवत (<em>Shailja Bhagwat) </em>द्वारा निर्मित &lsquo;वैज्ञानिक अभिवृत्ति मापनी&rsquo; (<em>Scientific Attitude Scale) </em>का उपयोग किया गया।</p>

<p>अध्ययन के अंतर्गत विद्यार्थियों की वैज्ञानिक अभिवृत्ति की तुलना लिंग (छात्र एवं छात्रा) तथा संकाय (विज्ञान एवं कला) के आधार पर की गई। प्राप्त आंकड़ों का सांख्यिकीय विश्लेषण मध्यमान (<em>Mean), </em>मानक विचलन (<em>S.D.) </em>एवं <em>t-</em>परीक्षण (<em>t-test) </em>की सहायता से किया गया। परिणामों से ज्ञात हुआ कि छात्रों (<em>Mean = 87.98, SD = 10.46) </em>एवं छात्राओं (<em>Mean = 88.72, SD = 8.75) </em>के मध्य वैज्ञानिक अभिवृत्ति में कोई सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया। दोनों समूहों के मध्य प्राप्त <em>t-value = -0.38 </em>तथा <em>p-value = 0.702 </em>रही<em>, </em>जो <em>0.05 </em>स्तर से अधिक है। इसी प्रकार विज्ञान संकाय (<em>Mean = 89.14, SD = 9.98) </em>एवं कला संकाय (<em>Mean = 87.56, SD = 9.24) </em>के विद्यार्थियों के मध्य भी वैज्ञानिक अभिवृत्ति में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया। दोनों समूहों के मध्य प्राप्त <em>t-value = 0.82 </em>तथा <em>p-value = 0.413 </em>रही<em>, </em>जो <em>0.05 </em>स्तर से अधिक है।</p>

<p>अतः निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि स्नातक स्तर के विद्यार्थियों की वैज्ञानिक अभिवृत्ति पर लिंग एवं संकाय का कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ता है। यह अध्ययन विद्यार्थियों के वैचारिक दृष्टिकोण को समझने तथा शिक्षा के माध्यम से उनमें वैज्ञानिक चेतना के विकास हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत करता है। साथ ही<em>, </em>यह अध्ययन उच्च शिक्षा में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने हेतु महत्वपूर्ण शैक्षिक निहितार्थ प्रस्तुत करता है।</p>

Keywords

वैज्ञानिक अभिवृत्ति, स्नातक, शैलजा भागवत मापनी, तुलनात्मक अध्ययन, तर्कशीलता.