Abstract
Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2025; 3(12): 134-143
जनजातीय महिलाओं की सामाजिक प्रस्थिति के नवीन आयाम: डिजिटल साक्षरता और नेतृत्व की भूमिका
Author Name: Mukesh Chand Meena, Dr. Ranjit Kumar Meena
Abstract
<p>भारतीय समाज की सामाजिक संरचना में जनजातीय समुदायों का विशिष्ट स्थान है। जनजातीय महिलाओं की सामाजिक स्थिति ऐतिहासिक, आर्थिक, सांस्कृतिक तथा शैक्षिक कारकों से प्रभावित रही है। वैश्वीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल परिवर्तन के वर्तमान दौर में जनजातीय महिलाओं के जीवन में नए अवसर और चुनौतियाँ उभरकर सामने आए हैं। डिजिटल साक्षरता ने शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन, सामाजिक भागीदारी तथा राजनीतिक प्रतिनिधित्व के क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन उत्पन्न किए हैं। इस शोध पत्र का उद्देश्य जनजातीय महिलाओं की सामाजिक प्रस्थिति के नवीन आयामों का अध्ययन करना तथा डिजिटल साक्षरता और नेतृत्व के मध्य संबंध का विश्लेषण करना है। अध्ययन में मिश्रित अनुसंधान पद्धति का उपयोग किया गया है, जिसमें प्राथमिक तथा द्वितीयक दोनों प्रकार के आँकड़ों का समावेश किया गया। शोध के लिए भारत के विभिन्न जनजातीय बहुल क्षेत्रों की 300 महिलाओं का चयन किया गया। अध्ययन में पाया गया कि डिजिटल साक्षरता ने जनजातीय महिलाओं की आत्मनिर्भरता, निर्णय क्षमता, सामाजिक सहभागिता तथा नेतृत्व कौशल को सुदृढ़ किया है। मोबाइल इंटरनेट, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शोध निष्कर्ष यह संकेत करते हैं कि डिजिटल संसाधनों तक पहुँच और तकनीकी प्रशिक्षण जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आवश्यक आधार प्रदान करते हैं। अध्ययन यह भी स्पष्ट करता है कि डिजिटल नेतृत्व के माध्यम से महिलाएँ स्थानीय शासन, स्वयं सहायता समूहों तथा सामुदायिक विकास कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इस प्रकार डिजिटल साक्षरता और नेतृत्व जनजातीय महिलाओं की सामाजिक प्रस्थिति को नवीन दिशा प्रदान कर रहे हैं।</p>
Keywords
जनजातीय महिलाएँ, सामाजिक प्रस्थिति, डिजिटल साक्षरता, नेतृत्व, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक परिवर्तन, डिजिटल समावेशन
