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MRR Journal

Abstract

Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(6): 134-140

युवाओं में स्मैक की बढ़ती प्रवृत्ति एवं उससे उत्पन्न अपराध और हत्या का समाजशास्त्रीय अध्ययन (संदर्भ: भागलपुर जिले का नवगछिया प्रखंड)

Author Name: डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह

1. स्वतंत्र पी-एच.डी. स्कॉलर समाजशास्त्र विभाग, भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा, बिहार, भारत

Abstract

<p>वर्तमान समय में युवाओं के बीच नशाखोरी की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। विशेष रूप से स्मैक जैसे घातक मादक पदार्थों का सेवन युवाओं को अपराध, हिंसा तथा सामाजिक विघटन की ओर आकर्षित कर रहा है। प्रस्तुत शोध पत्र बिहार राज्य के भागलपुर जिले के नवगछिया प्रखंड में युवाओं में बढ़ती स्मैक सेवन की प्रवृत्ति तथा उससे उत्पन्न सामाजिक एवं आपराधिक प्रभावों का समाजशास्त्रीय अध्ययन प्रस्तुत करता है।</p>

<p>प्रस्तुत अध्ययन में वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक अनुसंधान पद्धति का उपयोग किया गया है। अध्ययन हेतु नवगछिया प्रखंड के 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 100 युवाओं का चयन उद्देश्यपूर्ण निदर्शन विधि के माध्यम से किया गया। तथ्य संकलन के लिए साक्षात्कार, प्रश्नावली, स्थानीय लोगों से चर्चा तथा द्वितीयक स्रोतों का उपयोग किया गया।</p>

<p>अध्ययन में यह पाया गया कि 32% उत्तरदाताओं ने बेरोजगारी को स्मैक सेवन का प्रमुख कारण माना, जबकि 28% उत्तरदाताओं ने गलत संगति को मुख्य कारण बताया। अध्ययन से यह भी स्पष्ट हुआ कि स्मैक सेवन के कारण चोरी, हिंसा, लूट तथा हत्या जैसी घटनाओं में वृद्धि हो रही है। 40% उत्तरदाताओं ने माना कि नशाखोरी के कारण परिवारों में तनाव एवं सामाजिक विघटन बढ़ रहा है। इसके अतिरिक्त शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य तथा सामाजिक सुरक्षा पर भी नकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।</p>

<p>अध्ययन के निष्कर्षों से स्पष्ट होता है कि स्मैक सेवन केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं बल्कि सामाजिक एवं आपराधिक समस्या है। अतः सरकार, समाज, परिवार एवं शिक्षण संस्थाओं को संयुक्त रूप से नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम, पुनर्वास केंद्र एवं परामर्श सेवाओं को प्रभावी रूप से लागू करना आवश्यक है।</p>

Keywords

स्मैक, युवा, नशाखोरी, अपराध, सामाजिक विघटन, नवगछिया