Abstract
Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(SP1): 317-322
भारतीय राजनीति क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का अध्ययन
Author Name: पुष्पा कालरवाल, डॉ. सर्वेश कुमार
Abstract
<p>भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता का महत्वपूर्ण आधार है। यद्यपि महिलाओं को संविधान द्वारा समान अधिकार प्रदान किए गए हैं<em>, </em>फिर भी राजनीतिक क्षेत्र में उनकी भागीदारी एवं प्रतिनिधित्व अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच पाया है। इस शोध-पत्र में भारत में महिलाओं की राजनीतिक स्थिति<em>, </em>राजनीतिक सहभागिता<em>, 73</em>वें एवं <em>74</em>वें संविधान संशोधनों के प्रभाव<em>, </em>पंचायत राज संस्थाओं में महिला आरक्षण तथा महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया गया है। अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ कि शिक्षा<em>, </em>सामाजिक-आर्थिक स्थिति<em>, </em>पारिवारिक सहयोग<em>, </em>राजनीतिक जागरूकता<em>, </em>जाति<em>, </em>वर्ग तथा सांस्कृतिक परिवेश महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। पंचायत राज संस्थाओं में आरक्षण व्यवस्था के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है<em>, </em>किन्तु निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए अभी भी अनेक चुनौतियाँ विद्यमान हैं। अध्ययन का निष्कर्ष है कि महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण हेतु शिक्षा<em>, </em>नेतृत्व विकास<em>, </em>सामाजिक जागरूकता<em>, </em>समान अवसर तथा प्रभावी नीतियों का क्रियान्वयन आवश्यक है। महिलाओं की सक्रिय राजनीतिक सहभागिता न केवल लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाती है<em>, </em>बल्कि समावेशी एवं सतत् विकास को भी गति प्रदान करती है।</p>
Keywords
महिला सशक्तिकरण, राजनीतिक भागीदारी, महिला प्रतिनिधित्व, पंचायत राज, 73वाँ संविधान संशोधन, 74 वाँ संविधान संशोधन, महिला आरक्षण, स्थानीय स्वशासन, लोकतंत्र, नेतृत्व विकास।
