राजस्थान की राजनीति ऐतिहासिक रूप से जातीय संरचना से प्रभावित रही है, जहाँ विभिन्न जातीय समूह चुनावी व्यवहार, उम्मीदवार चयन और राजनीतिक दलों की रणनीतियों को निर्धारित करते हैं। भीलवाड़ा जिला, मेवाड़ क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र है, जहाँ जाट, राजपूत, ब्राह्मण, गुर्जर, ओबीसी, अनुसूचित जाति तथा व्यापारी वर्ग का महत्वपूर्ण सामाजिक प्रभाव है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के संदर्भ में भीलवाड़ा जिले में जातीय समूहों की राजनीतिक भूमिका का आनुभविक विश्लेषण करना है। इस अध्ययन में आसींद और मांडल विधानसभा क्षेत्र के चुनाव परिणामों, मतदान प्रतिशत, सामाजिक संरचना और दलों की चुनावी रणनीतियों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है। इस शोध के निष्कर्ष से स्पष्ट होता है कि जातीय समीकरण अभी भी चुनाव परिणामों को प्रभावित करते हैं, लेकिन विकास, नेतृत्व और स्थानीय मुद्दे भी निर्णायक कारक बन चुके हैं। यह अध्ययन मुख्यतः गुणात्मक एवं आनुभविक पद्धति पर आधारित है।
जातीय राजनीति, राजस्थान चुनाव, भीलवाड़ा जिला, मतदान व्यवहार, सामाजिक संरचना।
. राजस्थान की राजनीति में विभिन्न जातीय समूहों की भूमिका: भीलवाड़ा जिले के विधानसभा चुनाव- 2018 के संदर्भ में आनुभविक अध्ययन. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2026; 4(2):156-159
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