आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को शासन और नागरिकों के मध्य संवाद का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। लोकतंत्र का प्रभावी संचालन केवल संस्थागत संरचना पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इस बात पर भी आधारित होता है कि नागरिकों तक राजनीतिक सूचना किस रूप में पहुँचती है और वे उसके आधार पर किस प्रकार जनमत का निर्माण करते हैं। भारत जैसे विशाल, बहुभाषीय और बहुलतावादी लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका और भी अधिक जटिल और प्रभावशाली हो जाती है। मीडिया न केवल राजनीतिक घटनाओं, नीतियों और चुनावी प्रक्रियाओं की जानकारी प्रदान करता है, बल्कि वह इन घटनाओं की व्याख्या और प्रस्तुति के माध्यम से नागरिकों की राजनीतिक समझ और दृष्टिकोण को भी आकार देता है।
प्रस्तुत शोध-पत्र में भारतीय राजनीति में मीडिया की भूमिका और जनमत निर्माण की प्रक्रिया का व्यापक विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में पारंपरिक माध्यमों से लेकर आधुनिक डिजिटल मंचों तक मीडिया के विकास, राजनीतिक एजेंडा निर्धारण, समाचार प्रस्तुति की शैली, चुनावी विमर्श तथा सामाजिक धारणा पर इसके प्रभाव को शामिल किया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि मीडिया सूचना प्रसार का साधन होने के साथ-साथ लोकतांत्रिक सहभागिता को बढ़ाने, राजनीतिक जागरूकता उत्पन्न करने और सार्वजनिक विमर्श की दिशा निर्धारित करने में सक्रिय भूमिका निभाता है। साथ ही यह भी पाया गया कि मीडिया की बढ़ती पहुँच और प्रभाव के साथ निष्पक्षता, विश्वसनीयता, व्यावसायिक दबाव तथा सूचना की सत्यता जैसी चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। इसलिए जनमत निर्माण की प्रक्रिया को समझने के लिए मीडिया की भूमिका का समग्र अध्ययन अत्यंत आवश्यक हो जाता है।
मीडिया; भारतीय राजनीति; जनमत निर्माण; लोकतंत्र; राजनीतिक संचार; सूचना प्रसार; जनधारणा; राजनीतिक विमर्श
. Media and Indian Politics: The Process of Public Opinion Formation मीडिया और भारतीय राजनीति: जनमत निर्माण की प्रक्रिया. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2023; 1(1):88-90
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