गुरु जम्भेश्वर (जाम्भोजी) का प्राकृतिक प्रेम मुख्य रूप से, समी जीवों और इंसानों पर दया करना, और प्रेम की भावना रखना, हरे वृक्षों के कटान को रोकना, पेड़- पौधे लगाना है। जम्मेश्वर जी को पशुओं से बहुत प्रेम था, उन्होंने 27 वर्षों तक गाय की सेवा की, इससे लगता है, कि उनको गाय को पालने के पक्ष में थे और पानी, ईंधन और दूध को छानकर उपयोग करना, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो। जंभेश्वर जी को साफ सफाई बहुत पसंद थी आंतरिक हो या बाहरी वह साफ सफाई का हमेशा ध्यान रखते थे सुबह उठकर साफ सफाई करना स्नान करना अच्छे वस्त्र का धारण करना यह उनका पहला काम होता था
वह हमेशा शांति और अहिंसा का ध्यान रखते थे जिससे प्राकृतिक प्रेम बना रहे ताकि लोगों को भी उनको देखकर प्राकृतिक प्रेम होने लगे वह हमेशा शांति बनाए रखने के अपील करते थे और हमेशा कहते थे अहिंसा ही जीवन है।
जीव दया, वृक्ष संरक्षण, पशु सेवा, जल और ईंधन की शुद्धि, स्वच्छता |
. गुरु जम्भेश्वर (जाम्भोजी) का प्रकृति प्रेम. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2026; 4(4):69-70
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