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Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(SP1):110-114

मिड-डे-मिल योजना शिक्षा सुधार और मानव विकास का एक प्रभावी साधन

Authors: भरत कुमार जांगिड़; डॉ. श्रीमती समीना;

1. शोधार्थी (शिक्षा), मौलाना आजाद विश्वविद्यालय जोधपुर, बुझावड़, जोधपुर, राजस्थान, भारत

2. शोध पर्यवेक्षिका, निर्देशिका एवं विभागाध्यक्ष (शिक्षा संकाय), मौलाना आजाद विश्वविद्यालय जोधपुर, बुझावड़, जोधपुर, राजस्थान, भारत

Paper Type: Research Paper
Article Information
Received: 2026-03-01   |   Accepted: 2026-04-16   |   Published: 2026-04-20
Abstract

संविधान के अनुच्छेद 46 में प्रावधान है कि राज्य समाज के कमजोर वर्गो और विशेष रूप से अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के शैक्षिक और आर्थिक हितों को विशेष देखभाल के साथ बढ़ावा देना और उन्हें सामाजिक अन्याय और सभी प्रकार के शोषण से बचाएगा। इसी बात को दृष्टिगोचर रखते हुए। सर्वशिक्षा अभियान के अन्तर्गत मिड डे मिल मिल योजना भारत सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पोषण सहायता कार्यक्रम 15 अगस्त, 1995 को शुरू की गई। जिसका उद्देश्य नामांकन, उपस्थिति और ठहराव में सुधार के साथ-साथ बच्चों में पोषण स्तर को बढाना था। 2001 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार इस योजना के तहत कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले सभी बच्चों को 300 कैलोरी और 8-12 ग्राम प्रोटीन युक्त पका हुआ मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा सके। 2008-2009 में इस योजना को कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को शामिल किया गया। सितम्बर 2021 में, सरकार ने केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना को वित्त वर्ष 2022 से वित्त वर्ष 2026 तक सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों, विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों (एसटीसी) मदरसों और सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत आने वाले मकतबों में दिन में एक बार पका हुआ गर्म खाना उपलब्ध करवाया जाता है।

मिड डे मिल योजना शिक्षा में सुधार लाने का एक उचित माध्यम है। इस योजना के माध्यम से बच्चों की उपस्थिति दर में वृद्धि, स्वास्थ्य में सुधार, गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के शिक्षा के स्तर में सुधार, सामाजिक समावेशन, शिक्षकों की उपस्थिति में वृद्धि और शिक्षा के प्रति अभिभावकों की रुचि में वृद्धि से बच्चों की शिक्षा में सुधार होता देखने को मिला है।

सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत संचालित मिड-डे मिल योजना मानव विकास का एक उपयोगी साधन के रूप में बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक समावेशन और मानव विकास के सूचकांक में सुधार को भी इंगित करती है। परिणाम स्वरूप शिक्षा दर, स्वास्थ्य दर एवं जीवन प्रत्याशा दर में सुधार देखने को मिला है।

Keywords

मिड-डे मिल, राष्ट्रीय पोषण सहायता, कार्यक्रम, शिक्षा सुधार एवं मानव विकास।

How to Cite

भरत कुमार जांगिड़, डॉ. श्रीमती समीना. मिड-डे-मिल योजना शिक्षा सुधार और मानव विकास का एक प्रभावी साधन. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2026; 4(SP1):110-114

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