इंदिरा गांधी नहर परियोजना राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र में जल संसाधनों के विकास की एक महत्वपूर्ण पहल रही है। बीकानेर जिले की कोलायत तहसील, जो पूर्व में जलाभाव, अल्प कृषि उत्पादन एवं सीमित आजीविका के लिए जानी जाती थी, इस परियोजना से प्रभावित प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। नहर परियोजना के आगमन के पश्चात इस क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक संरचना तथा कृषि भूमि उपयोग के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं।
इस अध्ययन का केंद्र कोलायत तहसील में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के परिणामस्वरूप कृषि भूमि उपयोग में आए स्थानिक परिवर्तनों का विश्लेषण करना है। नहर जल की उपलब्धता से परती एवं बंजर भूमि का कृषि योग्य भूमि में रूपांतरण हुआ, सिंचित क्षेत्र का विस्तार हुआ तथा पारंपरिक मोटे अनाजों के स्थान पर नकदी एवं उच्च उत्पादकता वाली फसलों का प्रचलन बढ़ा। इससे कृषि उत्पादन, किसानों की आय एवं रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से देखा जाए तो नहर परियोजना ने ग्रामीण जीवन स्तर को प्रभावित किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, परिवहन एवं बाजार सुविधाओं में सुधार हुआ है, वहीं कृषि आधारित सहायक गतिविधियों का विकास भी हुआ है। इसके साथ-साथ जनसंख्या वितरण, बसावट प्रतिरूप एवं भूमि मूल्यों में भी परिवर्तन परिलक्षित होते हैं।
हालाँकि, इन सकारात्मक प्रभावों के साथ कुछ समस्याएँ भी उभरी हैं, जैसे जलभराव, मृदा लवणता एवं असंतुलित जल उपयोग। इस प्रकार, प्रस्तुत शोध कोलायत तहसील में इंदिरा गांधी नहर परियोजना से उत्पन्न सामाजिक-आर्थिक एवं कृषि भूमि उपयोग परिवर्तनों के स्थानिक स्वरूप को समझने का प्रयास करता है, जो क्षेत्रीय योजना एवं सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
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भंवर लाल सोलंकी. बीकानेर जिलें के कोलायत तहसील में इंदिरा गांधी नहर परियोजना से सामाजिकए आर्थिक एवं कृषि भूमि उपयोग में परिवर्तन - स्थानिक विश्लेषण. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2026; 4(SP1):205-210
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