प्रस्तुत शोध पत्र सूरदास के साहित्य में पुष्टिमार्ग सिद्धांत की व्यापक विवेचना करता है। सूरदास हिंदी साहित्य के महान कृष्णभक्त कवि हैं जिन्होंने वल्लभाचार्य द्वारा प्रतिपादित पुष्टिमार्ग दर्शन को अपनी काव्य-रचनाओं का आधार बनाया। इस शोध में पुष्टिमार्ग की दार्शनिक अवधारणाओं—पुष्टि, अनुग्रह, शुद्धाद्वैत, भगवत्कृपा, लीला-तत्त्व तथा प्रेमलक्षणा भक्ति—का सूरसागर एवं अन्य रचनाओं में किस प्रकार काव्यात्मक अभिव्यक्ति हुई है, इसका विश्लेषण किया गया है। यह शोध-पत्र यह प्रमाणित करता है कि सूरदास मात्र भक्त कवि नहीं, अपितु पुष्टिमार्गीय दर्शन के सबसे सशक्त काव्य-प्रतिनिधि हैं।
सूरदास, पुष्टिमार्ग, भक्ति आंदोलन, शुद्धाद्वैत वेदांत, कृष्ण भक्ति काव्य।
. The Pushtimarg Philosophy in the Poetry of Surdas सूरदास के काव्य में पुष्टिमार्ग सिद्धांत. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2023; 1(1):108-111
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