वर्तमान शोध पत्र मध्यप्रदेश में वर्ष 2000 के पश्चात् विद्यालयों में खेल सुविधाओं (खेल मैदान, उपकरण, व्यायाम शिक्षक, इनडोर / आउटडोर हॉल तथा अकादमियाँ) के विकास तथा राज्य खेल नीति 2005 के क्रियान्वयन का सर्वेक्षणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। अध्ययन मुख्यतः द्वितीयक स्रोतों - मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग की रिपोर्टों, 2005 खेल नीति दस्तावेज, राज्य बजट दस्तावेज (2025-26 एवं 2026-27), खेलो इंडिया रिपोर्ट तथा उपलब्ध अकादमिक अध्ययनों पर आधारित है। मुख्य निष्कर्ष यह है कि 2005 की राज्य खेल नीति ने स्कूल स्तर पर शारीरिक शिक्षा को पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनाया, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में 40 मिनट का अनिवार्य खेल पीरियड, नये स्कूलों में खेल मैदान की अनिवार्यता तथा व्यायाम शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की। इससे ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में भी खेल सुविधाओं का विस्तार हुआ। केंद्रीय योजना खेलो इंडिया के साथ समन्वय से राज्य में 52 से 55 के लगभग Khelo India Centres (KICs), KISCE तथा राज्य स्तरीय अकादमियाँ (एथलेटिक्स, शूटिंग, हॉकी, मार्शल आर्ट आदि) विकसित हुई। जिला स्तर पर सैकड़ों मिनी स्टेडियम, इनडोर हॉल तथा सिंथेटिक ट्रैक बने। तथापि, पूर्ण क्रियान्वयन में वित्तीय संसाधनों की कमी, ग्रामीण - शहरी तथा आदिवासी क्षेत्रों में असमानता, शिक्षक रिक्तियाँ, उपकरणों की कमी तथा प्रभावी निगरानी की कमी प्रमुख चुनौतियाँ बनी रहीं। अध्ययन सुझाव देता है कि नीति का डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाए, NEP-2000 के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा ग्रामीण / आदिवासी स्कूलों के लिए विशेष बजट प्रावधान किया जाए।
मध्यप्रदेश खेल नीति 2005, विद्यालय खेल सुविधाएँ, खेलो इंडिया योजना, शारीरिक शिक्षा विकास, खेल अधोसंरचना एवं क्रियान्वयन.
. मध्यप्रदेश में 2000 के बाद विद्यालयों में नवीन खेल सुविधाओं का विकास: राज्य खेल नीति के क्रियान्वयन का सर्वेक्षणात्मक अध्ययन. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2026; 4(6):222-224
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