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Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(6):249-254

रामराज्य: आधुनिक भारत के संबंध में डॉ.बी.आर. अंबेडकर का दृष्टिकोण

Authors: रीतेश कुमार;

1. अतिथि व्याख्याता, राजनीति विज्ञान विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर, राजस्थान, भारत

Paper Type: Research Paper
Article Information
Received: 2026-05-07   |   Accepted: 2026-06-20   |   Published: 2026-06-26
Abstract

डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर का रामराज्य संबंधी दृष्टिकोण पारंपरिक पौराणिक व्याख्या से भिन्न तथा आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित था। उनके लिए रामराज्य किसी धार्मिक या मिथकीय शासन व्यवस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व पर आधारित आदर्श समाज की संकल्पना था। अंबेडकर का मानना था कि एक आदर्श राज्य वही है जहाँ जाति, वर्ग, धर्म और लिंग के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव न हो तथा प्रत्येक व्यक्ति को समान सम्मान और अवसर प्राप्त हों। विशेष रूप से उन्होंने दलितों और अन्य वंचित वर्गों के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक सशक्तीकरण को आवश्यक माना। अंबेडकर के रामराज्य की आधारशिला संविधानवाद और विधि के शासन (Rule of Law) पर टिकी हुई थी। उनके अनुसार राज्य का संचालन संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए, जिससे नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रताओं की रक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी साधन माना तथा सभी वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा की वकालत की। इसके साथ ही आर्थिक न्याय और संसाधनों के समान वितरण पर बल देते हुए उन्होंने गरीबी और आर्थिक विषमता को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अंबेडकर का यह दृष्टिकोण मूलतः धर्मनिरपेक्ष था, जिसमें राज्य सभी धर्मों के प्रति समान व्यवहार करे और किसी विशेष धर्म को शासन का आधार न बनाए। उन्होंने सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता तथा विविध समुदायों के बीच सहयोग को भी आदर्श समाज की अनिवार्य शर्त माना। साथ ही, लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में वंचित एवं हाशिए पर स्थित समुदायों की प्रभावी राजनीतिक भागीदारी को आवश्यक बताते हुए उन्होंने समावेशी लोकतंत्र की परिकल्पना प्रस्तुत की। इस प्रकार अंबेडकर का रामराज्य न्यायपूर्ण, समतामूलक, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक समाज की ऐसी अवधारणा है, जो आज भी भारतीय लोकतंत्र और सामाजिक सुधार के विमर्श में अत्यंत प्रासंगिक बनी हुई है।

Keywords

रामराज्य, आधुनिक भारत, डॉ.बी.आर. अंबेडकर, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्य।

How to Cite

रीतेश कुमार. रामराज्य: आधुनिक भारत के संबंध में डॉ.बी.आर. अंबेडकर का दृष्टिकोण. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2026; 4(6):249-254

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