भारत में दुनिया की सबसे युवा आबादी है। वर्तमान में युवाओं को दो बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है: नशा की लत का बढ़ता ट्रेंड और नौकरी, करियर की इनसिक्योरिटी। वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक बदलाव लाने वाली टेक्नोलॉजी के तौर पर उभर रही है जो युवाओं को एजुकेशन, मेंटल हेल्थ, स्किल डेवलपमेंट और करियर गाइडेंस के ज़रिए पॉजिटिव दिशा दे सकती है। मेरा यह शोधपत्र भारतीय युवाओं में नशा की लत की बढ़ती समस्या, इसके सोशियो-इकोनॉमिक कारणों और उनका AI-बेस्ड सॉल्यूशन का एनालिसिस करता है। रिसर्च में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 (NEP 2020), डिजिटल एजुकेशन प्लेटफॉर्म, AI-बेस्ड करियर काउंसलिंग, मेंटल हेल्थ चैटबॉट और स्कूल-बेस्ड नशा रोकने के प्रोग्राम की जांच की गई है। स्टडी में पाया गया कि AI युवाओं को पर्सनलाइज़्ड लर्निंग, स्किल डेवलपमेंट, नौकरी की जानकारी, मेंटल हेल्थ सपोर्ट और नशा की लत से जुड़ी काउंसलिंग दे सकता है। अगर भारत सरकार, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और टेक्नोलॉजी कंपनियां मिलकर काम करें, तो AI भारत के युवाओं को नशा की लत से उबरने और "डेमोग्राफिक डिविडेंड" को एक मज़बूत देश बनाने में मदद कर सकता है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता, युवा, नशामुक्ति, कैरियर निर्माण, डिजिटल शिक्षा, भारत, मानसिक स्वास्थ्य, NEP 2020
श्री अजय कुमार श्रीवास (ग्रंथपाल). भारत में युवाओं को नशे से दूर करने एवं कैरियर निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका: एक शोधपरक अध्ययन. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2026; 4(7):130-139
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