इस अध्ययन में भारतीय मुस्लिम समाज में महिलाओं की ऐतिहासिक परिपे्रक्ष्य में उनकी स्थिति को जानने का प्रयास किया गया है। विष्व के लगभग सभी देषों में मानव समाज पुरूष प्रधान रहा है। इससे मुस्लिम समाज भी अछुता नहीं है। पैगम्बर मुहम्मद साहब की षिक्षा तथा कुरान के माध्यम से मुस्लिम औरतें अपने अधिकारों तथा स्थिति के बारे "में" जानने का प्रयास करती है, जिसे आमतौर पर इस्लामिक सिद्धांत कहते हैं । इस सिद्धांत ने पुरूषों तथा महिलाओं के लिए सामाजिक स्थिति में समानता को स्वीकार किया, लेकिन व्यवहारिक रूप से सामाजिक तथा धार्मिक क्षेत्र में समान भागीदारी की अनुमति नहीं देता, फिर भी मुस्लिम महिलाओं में पहले की अपेक्षा अपनी स्थिति में परिवत्र्तन कर रही हैं । मुस्लिम औरतें भी पढ़-लिख कर अपने अधिकार तथा कर्तव्य को जानने का प्रयास कर रही है, जिसे समाज में एक नयी स्थिति उभर कर सामने आ रही है।
मुस्लिम महिला, सामाजिक अधिकार, धार्मिक अधिकार, षिक्षा, सामाजिक परिवत्र्तन.
. भारतीय मुस्लिम समाज में महिलाओं की स्थिति: एक अध्ययन. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2026; 4(7):261-263
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